my student friend life

दोस्तों छोटे से विलेज में एक किसान था जो बहुत गरीब था . उसकी खेती से भी घर चलाने लायक ही पेसे आता था. और वो फिर बाजार में सब्जी का ठेला भी लगता था. की अपने घर के लिए अपनी फेमिली.  के लिए कुछ पैसे बचा सके इतनी गरीबी के साथ जी रहे उस किसान के घर में .उसकी माँ उसकी वाइफ और दो बच्चे एक ही छोटे से रूम में रह रहा था, कुछ सालो बाद  उनका बड़ा बेटा मनोज जब 5वी 6वी क्लास में आया. तब उसकी माँ ने कहा देख बेटा तेरी पढाई ही ऐसा रास्ता है जो हमें इस गरीबी से निकल सकती है प्लीज तू अपनी पढाई को बहुत ही सीरीयस ली लेना हमारे पास कोई और ऑप्शन नहीं है इस गरीबी से निकलने का उस टाइम पे समझ सकता था मनोज अपनी माँ का दुःख हर समय उसकी माँ की कही बातें उसके कानों में गूँज रही थी उसने ठान लिया था की वो अब कुछ बनके दिखायेगा अपनी फैमिली को इस गरीबी से निकल कर रहेगा.

जैसे जैसे वो बड़ा होता रहा उनके खर्स भी बड़ते रहे उनके विलेज में हाई सेकेंडरी स्कूल न होने के कारण मनोज को बाहर ही जाना पड़ता था. इस गरीबी में खर्चा बढ़ने के कारण उनके घर की हालत भी बिगड़ती जा रही थी . तभी उनके छोटे भाई ने जो की एक सरेन्डर में होंगे उन्होंने बहार जाके दिल्ही में कुछ काम करने की सोचा और ये बात अपनी फैमिली को बताई तब वो बहुत छोटा था इसीलिए उनके पेरेंट्स ने भर जाने के लिए मना कर दिया. इतनी गरीबी और काम न होने के कारण वो डिप्रेशन में चला गया. अब उसका इलाज भी चालू हो गया था . और वो इस मुसीबत से भर न आ सका और कुछ दिन बाद इस गरीबी से छुटकारा पाने के लिए उसने सुसाइड कर लिया.

अब मनोज से ये सब देखा नहीं जा रहा था . उसे पता था ये सब गरीबी के कारण हो रहा था. उसकी फेमिली जो सफर कर रही थी. वो उसका छोटा भाई भी खो चूका था. आप सोच सकते ही उसको कितना हार्ट् हो रहा होगा. पर उसने ठान लिया था. की उसे 10 वी के बाद क्या करना . और क्या बनना है उसने अपने आँसुओं को पोंछा और अपने आप से बोला अब में पीछे नहीं हटूंगा अब मेरे पास एक ही  ः ऑप्शन है और वो फिर से पढाई में लग गया. और उसने अच्छे रिसल्ट के साथ 10थ भी पास किए और उसने अपने पापा से कहा k उन्हें सुपर थर्टी के प्रोफ़ेसर से मिलना ः 

और वो उससे मिलने गये उन्होने उस प्रोफ़ेसर से जाकर कहे की वो देर देर रात तक पढता रहता है. उसके अंदर कुछ करने का कुछ बनने का जूनून है. और उसे अड्मिशन मिलगया एक दिन स्कूल के प्रोफेसर ने मनोज को देर रात तक पढ़ते देखा और उसने मनोज से कहा कि कुछ देर सो भी जाया करो मनोज ने कहा जब भी वो आराम करने की सोचता है उसे उसका भाई याद आता हे जब भी वो सोने की सोचता है उसे उसकी माँ की कही बातें याद आती है पापा की गरीबी याद आती हे और वो ही यादें मुझे सोने नहीं देती आराम करने नहीं देती.  और धीरे धीरे उसकी आँखों में आँसू आ गये दोस्तों मनोज का सपना था की wo iit में पढ़े और कोण कहता इतनी मेहनत करने के बाद भी जो सोचो वो पूरा नहीं होता और उसने वो करके भी दिखाया. और मनोज आज iit में पढ़ रहा ह और हम आशा करते हे और हम आशा करते हे की वो अपनी लाइफ में बहुत आगे बढे दोस्तों ये कोई स्टोरी नहीं ही ये एक सच्चाई है जो हम झुठला नहीं सकते क्योंकि ये सब मेरे दोस्त के साथ हुआ है..

दोस्तों आपके अंदर भी बो जज्बा है. अपने लिए अपने पेरेंट्स के लिए या कोई ऐसा हो जो आपके सबसे करीब हो उसकेलिये क्या आप इतना भी नहीं कर सकते इन सब के लिये. दोस्तों में चाहता हु की आप मेरे इस दोस्त की सच्ची म्हणत की तरह आप भी म्हणत करे  और अपने पेरेंट्स के लिए कुछ करे 

और प्लीज मेरे दोस्त की सच्ची म्हणत को आप कोई मनघडंक कहानी या स्टोरी नहीं समझ लेना क्यूंकि ये सब मेरे सामने मेरे दोस्त के साथ हुआ ह …???

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